
पूर्वाधार विकास से बन रहा है बुटवल माइस टूरिज़्म का प्रमुख केंद्र
बुटवल में एक अरब 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र और लगभग एक अरब की प्रदर्शनी केंद्र ने बुटवल को माइस टूरिज़्म के हब बनाने की बड़ी संभावनाएं उजागर की हैं। बुटवल में दो केबलकार, मणिमुकुंद सेन उद्यान, जितगढ़ी, हिलपार्क और शंकरनगर वन विहार ने माइस टूरिज़्म के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। पर्यटन मंत्री न्यौपाने ने कहा कि ये पूर्वाधार बुटवल को माइस टूरिज़्म का प्रमुख गंतव्य और लुम्बिनी प्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई उचाईयों पर ले जाएंगे।
बुटवल में निर्मित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र और दो केबलकार जैसे अनेक पर्यटक सुविधाओं ने यहाँ माइस टूरिज़्म हब बनने की स्पष्ट संभावनाओं को बढ़ाया है। बुटवल सम्मेलन केंद्र काठमांडू के बाहर पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन स्थल है। बुटवल उपमहानगरपालिका–10 क्षेत्र में स्थित इस केंद्र का क्षेत्रफल साढ़े 6 विगहा है, जिसमें 1000 लोगों की क्षमता वाला मुख्य हॉल और अतिरिक्त 12 छोटे हॉल शामिल हैं।
ये सभी पूर्वाधार पूरे बुटवल को माइस टूरिज़्म का केन्द्र विकसित करेंगे। बुटवल में लुम्बिनी और सिद्धार्थ, दोनों केबलकार भी संचालन में हैं, जो माइस टूरिज़्म के लिए नए पर्यटक आकर्षण केंद्र बन चुके हैं। नेपाल में एक ही शहर में दो केबलकार का होना बुटवल को विशेष बनाता है।
माइस टूरिज़्म का अर्थ है विभिन्न संस्थाओं, कंपनियों या सरकार द्वारा आयोजित बैठक, भ्रमण, सम्मेलन और प्रदर्शनी से जुड़ी गतिविधियाँ। नेपाल में माइस टूरिज़्म का प्रचार अभी व्यापक नहीं है, लेकिन पर्यटन व्यवसायी इसकी बड़ी संभावनाओं को देख रहे हैं। बुटवल को आधार बनाकर पर्यटक लुम्बिनी, पोखरा, पाल्पा, गुल्मी सहित अन्य गंतव्यों की ओर बढ़ेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, यह बात उद्योग व्यापार संघ बुटवल के अध्यक्ष लोकनाथ पन्थी ने कही है।