
मधेश में पोषण सुधार के लिए सभामुख यादव की अपील
मधेश प्रदेश सभा के सभामुख रामआशिष यादव ने कुपोषण घटाने के लिए प्रदेश सरकार, स्थानीय निकाय और संबंधित संस्थाओं के बीच प्रभावकारी समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया है। स्वास्थ्य निर्देशनालय द्वारा लालगढ में आयोजित तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय पोषण नीति संवाद एवं शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि पोषण केवल स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, कृषि, पेयजल, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जुड़ा हुआ विषय है।
सभामुख यादव ने मधेश प्रदेश में बालक एवं महिलाओं में कुपोषण की समस्या अभी भी एक बड़ी चुनौती होने का उल्लेख करते हुए इसे कम करने के लिए दीर्घकालिक नीतियाँ, व्यावहारिक योजनाएं और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक होने पर जोर दिया। मधेश प्रदेश सभा की महिला, बाल एवं सामाजिक न्याय समिति की सभापति रूपाकुमारी यादव ने महिलाओं के स्वास्थ्य, बाल अधिकार और पोषण सुरक्षा को प्राथमिकता में रखते हुए नीतियाँ तैयार करने की जरूरत बताई।
उन्होंने ग्रामीण और वंचित समुदायों में पोषण संबंधी जागरूकता की कमी को हवाले देते हुए स्थानीय निकायों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता व्यक्त की। स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय के सचिव डॉ. प्रमोद यादव ने पोषण और जनसंख्या के बीच सीधे संबंध का उल्लेख करते हुए जनसंख्या वृद्धि, गरीबी, अशिक्षा और असंतुलित आहार के कारण कुपोषण समस्या के चुनौतीपूर्ण बने होने की बात कही। सम्मेलन में पोषण, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोरी पोषण, जनसंख्या स्थिति, खाद्य सुरक्षा और पोषण मित्रवत नीति क्रियान्वयन से जुड़ी पांच कार्यपत्र प्रस्तुत किए गए थे।