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झलनाथ खनाल ने मदन भण्डारी और जीवराज आश्रित की हत्या में कम्युनिस्ट पार्टी की कमजोरी स्वीकार की

पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने मदन भण्डारी और जीवराज आश्रित की हत्यारों की पहचान न कर पाने को कम्युनिस्ट पार्टी की कमजोरी माना है। खनाल ने दावा किया कि मदन भण्डारी की हत्या नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन को कमजोर करने के षड्यंत्र के तहत की गई थी। उन्होंने कहा कि वे मार्क्सवाद और लेनिनवाद को नेपाली क्रांति की विशिष्टताओं के अनुरूप लागू करने के लिए निरंतर सक्रिय हैं।

१४ असार, काठमाडौँ। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने मदन भण्डारी की हत्या के अपराधियों को खोजने में असमर्थता को अपनी पार्टी की कमजोरी माना। उन्होंने यह बात नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन और जननेता मदन भण्डारी पर एक विचार गोष्ठी में कही।

‘मदन भण्डारी और उनके बारे में बात करते वक्त जीवराज आश्रित कमरेड को अलग नहीं किया जा सकता। उनकी हत्या बहुत रहस्यमय तरीके से हुई थी। उस हत्याकांड के दोषी कौन हैं?’ खनाल ने कहा, ‘यह सारी बातें अब तक पता लगाने में नाकाम रहने की कमजोरी हमारे भीतर ही है।’

खनाल ने कहा कि मदन भण्डारी की हत्या का षड्यंत्र नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया था। ‘उन पर हुई हत्या का षड्यंत्र नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन को निस्तेज करने का प्रयास है। पूरा कम्युनिस्ट आंदोलन ऐसे षड्यंत्रों के अधीन है,’ उन्होंने कहा।

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